ज्योतिर्लिंग मंदिर की पवित्र नगरी ओंकारेश्वर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मंदिर के पीछे आशापुरी मार्ग पर 10 से 15 फीट लंबा अजगर निकल आया। अजगर ने मौके पर मौजूद एक बिल्ली को अपना शिकार बना लिया। सौभाग्य से उस समय आसपास बच्चे मौजूद नहीं थे, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
रहवासी क्षेत्र के बीच घटना
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह स्थान वार्ड नंबर 14 का है, जो आशापुरी मार्ग कहलाता है और झूला पोल से नगर को जोड़ता है। यह स्कूली बच्चों के रोजाना आवागमन का मुख्य रास्ता भी है। घटना उस वक्त हुई जब बच्चे स्कूल में थे। लोगों ने आशंका जताई कि अगर शाम के समय अजगर दिखाई देता तो किसी मासूम की जान खतरे में पड़ सकती थी।
दहशत का माहौल
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोग समूह में इकट्ठा होकर अजगर को देखने लगे और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर क्षेत्र और आसपास के रहवासी इलाकों में लगातार जंगली जीवों की आवाजाही बढ़ रही है, जिससे हर समय खतरा बना रहता है।
प्रशासन से सुरक्षा की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रेस्क्यू टीम को सक्रिय रखा जाए और नियमित गश्त बढ़ाई जाए ताकि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।
लोगों ने यह भी कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील मार्गों पर सतर्कता बढ़ाना जरूरी है।
ओंकारेश्वर में अजगर का प्रकट होना इस बात का संकेत है कि इंसानी बस्तियों के बीच वन्यजीवों का दखल बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि आस्था और पर्यटन केंद्र बने इस नगर में रहवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और वन्यजीव संरक्षण व मानव जीवन की सुरक्षा के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।








